West Bengal Vidyanjali Scheme 2026: स्कूल छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी डिटेल

West Bengal Vidyanjali Scheme 2026: स्कूल छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी डिटेल

West Bengal Vidyanjali Scheme 2026: स्कूल छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी डिटेल, देशभर में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए केंद्र सरकार ने एक अनोखी पहल की है, जिसका नाम है ‘विद्यांजलि योजना’। यह एक स्कूल वॉलिंटियर इनिशिएटिव है, जो आम नागरिकों, पूर्व छात्रों, पेशेवरों और कंपनियों को सरकारी स्कूलों से सीधे जुड़ने और उनके विकास में योगदान करने का मौका देती है। सितंबर 2021 में शुरू हुई इस योजना का मकसद समुदाय की भागीदारी से स्कूलों में बुनियादी ढांचे और शिक्षण संसाधनों को मजबूत करना है ।

हाल ही में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर में इस योजना के तहत अब तक 2 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं । लेकिन जब बात पश्चिम बंगाल की आती है, तो तस्वीर थोड़ी अलग है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 में राज्यसभा में बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को “पूरी तरह से ठुकरा” दिया है, जिसके चलते राज्य के 82,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में से केवल 55 स्कूल ही इस योजना से जुड़े हैं । आइए जानते हैं कि आखिर यह विद्यांजलि योजना क्या है, इसके क्या फायदे हैं और पश्चिम बंगाल में इसकी वर्तमान स्थिति क्या है।

क्या है विद्यांजलि योजना?

विद्यांजलि योजना (Vidyanjali Scheme) केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है, जिसे सितंबर 2021 में लॉन्च किया गया था । यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप है, जो स्कूलों में सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए समुदाय और पूर्व छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देती है ।

इस योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वयंसेवक (volunteer) के रूप में सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से जुड़ सकता है और अपनी सेवाएं या संसाधन दे सकता है। यह योजना एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से काम करती है, जहां स्कूल अपनी जरूरतें बताते हैं और स्वयंसेवक उन जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आते हैं।

योजना का उद्देश्य

  • समुदाय की भागीदारी: स्कूलों के विकास में आम नागरिकों, पूर्व छात्रों और संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।

  • संसाधनों की उपलब्धता: सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल सामग्री, स्मार्ट क्लास और अन्य बुनियादी सुविधाओं को विकसित करना ।

  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करना और उन्हें अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ना ।

विद्यांजलि योजना के तहत मिलने वाले लाभ

विद्यांजलि योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह स्कूलों और समुदाय के बीच की दूरी को कम करती है। स्वयंसेवक विभिन्न प्रकार से स्कूलों की मदद कर सकते हैं, जिससे छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

स्वयंसेवकों द्वारा दी जाने वाली सहायता के प्रकार

सहायता का प्रकार विवरण छात्रों को लाभ
सेवा गतिविधियाँ (Service Activities) अतिथि शिक्षक के रूप में पढ़ाना, करियर काउंसलिंग, कौशल विकास कार्यशालाएं, योगा क्लासेज, संगीत या कला सिखाना। बच्चों का सर्वांगीण विकास, नए कौशल सीखने का मौका।
संपत्ति योगदान (Asset Contributions) किताबें, कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड, खेल सामग्री, वैज्ञानिक उपकरण, सोलर पैनल, फर्नीचर दान करना। सीखने के संसाधनों में वृद्धि, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा।
बुनियादी ढांचा विकास (Infrastructure) कक्षाओं का नवीनीकरण, शौचालय निर्माण, पुस्तकालय स्थापित करना, खेल के मैदान का विकास । बेहतर और सुरक्षित स्कूल वातावरण का निर्माण।

West Bengal Vidyanjali Scheme 2026: स्कूल छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी डिटेल

राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, नवंबर 2025 तक, पूरे देश में विद्यांजलि पोर्टल पर 8 लाख से अधिक सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल, 5.6 लाख स्वयंसेवक और 2,600 से अधिक भागीदार संगठन पंजीकृत हो चुके थे । अब तक 56,000 से अधिक सेवा गतिविधियाँ और 35,000 से अधिक संपत्ति योगदान पूरे हो चुके हैं, जिससे 2 करोड़ से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं ।

पश्चिम बंगाल में विद्यांजलि योजना की स्थिति

यहीं पर सबसे बड़ा विरोधाभास सामने आता है। जहां एक ओर यह योजना देशभर में तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं पश्चिम बंगाल में इसकी स्थिति बेहद निराशाजनक है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने 11 फरवरी 2026 को राज्यसभा में बताया कि पश्चिम बंगाल ने इस योजना को “पूरी तरह से ठुकरा दिया” है ।

मुख्य तथ्य

  • स्कूलों की भागीदारी: राज्य के 82,159 सरकारी स्कूलों में से केवल 55 स्कूलों ने इस योजना को अपनाया है ।

  • स्वयंसेवकों की संख्या: राज्य से केवल 2,134 व्यक्तियों ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है ।

  • सीएसआर प्रोजेक्ट: राज्य में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कोई परियोजना नहीं चल रही है और न ही कोई पूरी हुई है ।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि संकीर्ण राजनीतिक मानसिकता के कारण पश्चिम बंगाल के बच्चे इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, जबकि देश के 2 करोड़ बच्चे इससे लाभान्वित हो चुके हैं । उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह योजना को लागू करने की अनुमति दे, ताकि राज्य के युवाओं को पुस्तकालय, खेल के मैदान, कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं मिल सकें ।

विपक्ष का रुख

इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की योजनाओं को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने रेलवे, फ्रेट कॉरिडोर, तेल क्षेत्रों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में योजनाओं के रुके होने का हवाला दिया । जब केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद इस मुद्दे पर बोल रहे थे, तब राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया ।

West Bengal Vidyanjali Scheme 2026: स्कूल छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें पूरी डिटेल

पश्चिम बंगाल सरकार की अपनी योजनाएं

दिलचस्प बात यह है कि जहां केंद्र की विद्यांजलि योजना को राज्य में स्थान नहीं मिल पा रहा है, वहीं राज्य सरकार ने हाल ही में अपनी कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फरवरी 2026 में ‘युवासाथी’ योजना की घोषणा की, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी । इस योजना के तहत राज्य के 21-40 वर्ष के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को पांच साल तक हर महीने 1500 रुपये की सहायता दी जाएगी । इसके अलावा, भूमिहीन साझेदार किसानों को सालाना 4000 रुपये देने की भी घोषणा की गई है ।

कैसे उठाएं योजना का लाभ?

यदि पश्चिम बंगाल में भी विद्यांजलि योजना लागू हो जाती है, तो स्वयंसेवक और स्कूल बहुत आसानी से इससे जुड़ सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है।

स्वयंसेवकों के लिए प्रक्रिया

  1. पंजीकरण: आधिकारिक वेबसाइट vidyanjali.education.gov.in पर जाएं।

  2. साइन अप: ‘स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण’ (Register as Volunteer) विकल्प पर क्लिक करें।

  3. जानकारी भरें: अपना नाम, पता, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करें। आप अपनी रुचि के क्षेत्र (जैसे – गणित पढ़ाना, कंप्यूटर दान करना आदि) का चयन कर सकते हैं।

  4. स्कूल चुनें: पोर्टल पर आप अपने आस-पास के उन स्कूलों की सूची देख सकते हैं, जिन्होंने अपनी जरूरतें दर्ज कराई हैं। आप अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार किसी स्कूल से जुड़ने का अनुरोध भेज सकते हैं।

Read Also:Click Here

निष्कर्ष

विद्यांजलि योजना देश के सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने की एक सशक्त पहल है, जो ‘सेवा’ और ‘सहभागिता’ की भावना पर आधारित है। इससे देश के कोने-कोने में लाखों बच्चों को बेहतर सुविधाएं और शिक्षा का अवसर मिला है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में इस योजना का न लागू होना राज्य के छात्रों के लिए एक अवसर की हानि है। उम्मीद की जानी चाहिए कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य सरकार इस योजना को लागू करने पर विचार करेगी, ताकि पश्चिम बंगाल के छात्र भी देश के अन्य छात्रों की तरह इस योजना का लाभ उठा सकें और बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

महत्वपूर्ण लिंक (Important Links):

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top