सरकार की नई PMRahat योजना – अस्पताल में मुफ्त कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ कैसे लें?

सरकार की नई PMRahat योजना – अस्पताल में मुफ्त कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ कैसे लें?

सरकार की नई PMRahat योजना – अस्पताल में मुफ्त कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ कैसे लें?,सड़क दुर्घटना किसी को भी हो सकती है, कभी भी हो सकती है। अक्सर ऐसे हादसों में सबसे बड़ी समस्या होती है तुरंत इलाज न मिल पाना – कभी पैसे न होने के कारण तो कभी अस्पताल भर्ती कराने में होने वाली देरी के चलते। इसी समस्या का समाधान लेकर आई है केंद्र सरकार की नई पीएम राहत (PM RAHAT) योजना। यह योजना सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा देती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2026 में अपने नए कार्यालय सेवा तीर्थ में पहले दिन ही इस योजना को मंजूरी दी । इस योजना का पूरा नाम है “पीएम राहत – सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस उपचार योजना” । आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसका लाभ कौन ले सकता है और सबसे जरूरी – इसका लाभ कैसे लिया जा सकता है।

क्या है पीएम राहत (PM RAHAT) योजना?

सरकार की नई PMRahat योजना – अस्पताल में मुफ्त कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ कैसे लें?,पीएम राहत योजना एक राष्ट्रीय कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है, जो सड़क दुर्घटना के शिकार हर व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करती है । इस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज दिया जाएगा ।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इलाज का खर्च सीधा सरकार अस्पताल को देती है। पीड़ित या उसके परिवार को कोई पैसा नहीं देना पड़ता। भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) के माध्यम से किया जाता है ।

योजना क्यों शुरू की गई?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवाते हैं। शोध बताते हैं कि अगर दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे (जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है) के अंदर घायल को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो लगभग 50% मौतों को रोका जा सकता है ।

इसी गोल्डन आवर में इलाज सुनिश्चित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। सरकार चाहती है कि पैसे के अभाव में या अस्पताल वालों के मना कर देने की वजह से किसी घायल की जान न जाए ।

पीएम राहत योजना की मुख्य विशेषताएं

नीचे दिए गए चार्ट से आप इस योजना की सभी प्रमुख बातें आसानी से समझ सकते हैं:

विशेषता विवरण
योजना का नाम पीएम राहत (PM RAHAT – Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment)
किसके लिए सड़क दुर्घटना में घायल कोई भी व्यक्ति
कितनी सहायता अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति व्यक्ति
कितने दिन दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक
कैसा इलाज पूरी तरह कैशलेस (कोई पैसा नहीं देना)
कहां लागू देश की किसी भी श्रेणी की सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण सड़क) पर हुई दुर्घटना
फंड कहां से मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से
मदद के लिए नंबर 112 (आपातकालीन हेल्पलाइन)

सरकार की नई PMRahat योजना – अस्पताल में मुफ्त कैशलेस ट्रीटमेंट का लाभ कैसे लें?

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ? (पात्रता)

यह योजना बहुत ही सरल और व्यापक पात्रता मानदंडों के साथ आई है। इसका लाभ लेने के लिए किसी तरह के कार्ड या पहले से पंजीकरण की जरूरत नहीं है।

  • किसी भी सड़क पर दुर्घटना: यह योजना देश की किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई दुर्घटना पर लागू होगी। चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग हो, राज्य राजमार्ग या फिर गांव की कच्ची सड़क ।

  • हर पीड़ित पात्र: दुर्घटना का शिकार हुआ कोई भी व्यक्ति इस योजना के तहत इलाज का हकदार है। इसमें वाहन चालक, सवार या राहगीर सभी शामिल हैं ।

  • बिना बीमा वाले भी पात्र: अगर दुर्घटना करने वाला वाहन बिना बीमा का है या फिर हिट एंड रन (अज्ञात वाहन) का मामला है, तब भी पीड़ित को योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे मामलों में सरकार खुद बजट से पैसा देती है ।

क्या नहीं मिलेगा? (महत्वपूर्ण शर्तें)

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी हैं, जिनका पालन करना जरूरी है:

  1. पुलिस प्रमाणीकरण जरूरी: इलाज जारी रखने के लिए पुलिस से पुष्टि होना जरूरी है। कम गंभीर मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे के अंदर पुलिस को दुर्घटना की पुष्टि करनी होगी ।

  2. समय सीमा: यह सुविधा सिर्फ दुर्घटना के बाद पहले 7 दिनों के लिए है। उसके बाद का इलाज इस योजना के तहत कवर नहीं होगा ।

  3. निर्धारित अस्पताल: यह सुविधा उन्हीं अस्पतालों में मिलेगी जो सरकार द्वारा इस योजना के लिए नामित किए गए हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप: ऐसे लें योजना का लाभ (लाभ उठाने की प्रक्रिया)

अब सबसे जरूरी सवाल – अगर आप किसी सड़क दुर्घटना को देखते हैं या खुद शिकार होते हैं, तो क्या करना है? यहां सरल चरणों में पूरी प्रक्रिया समझिए:

1: तुरंत 112 डायल करें

अगर आप किसी सड़क हादसे के गवाह हैं या खुद घायल हैं, तो सबसे पहले 112 नंबर डायल करें। यह देशभर में चालू आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (Emergency Response Support System) का नंबर है ।

  • आप या कोई राहगीर (‘राह-वीर’) यह कॉल कर सकता है।

  • इस नंबर पर कॉल करने पर आपको निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी दी जाएगी और एंबुलेंस भेजी जाएगी ।

2: घायल को नजदीकी नामित अस्पताल ले जाएं

जितनी जल्दी हो सके, घायल व्यक्ति को नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में पहुंचाएं, जो इस योजना के तहत पंजीकृत है। यहां इलाज शुरू हो जाएगा।

3: इलाज के दौरान पुलिस सत्यापन

अस्पताल में भर्ती होने के बाद, पुलिस प्रक्रिया शुरू होगी।

  • 24-48 घंटे का नियम: कम गंभीर मामलों में 24 घंटे के भीतर और गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर पुलिस दुर्घटना की पुष्टि करेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इलाज बिना रुकावट के जारी रहे ।

  • यह पुष्टि एकीकृत डिजिटल प्रणाली (eDAR प्लेटफॉर्म) के जरिए होगी ।

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4: अस्पताल में कैशलेस इलाज जारी

एक बार पुलिस सत्यापन हो जाने के बाद, अस्पताल सीधे सरकार से पैसा लेता है। आपको या आपके परिवार को एक भी पैसा देने की जरूरत नहीं है। यह इलाज दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक जारी रहेगा ।

5: भुगतान की प्रक्रिया

  • अस्पताल द्वारा इलाज का बिल राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (State Health Agency) के पास भेजा जाता है।

  • एजेंसी द्वारा दावा स्वीकृत होने के बाद, 10 दिनों के अंदर भुगतान सीधे अस्पताल के खाते में कर दिया जाता है ।

  • पैसा मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से आता है।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • गोल्डन आवर पर फोकस: यह पूरी योजना इसलिए बनाई गई है ताकि घायल को सबसे अहम पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाया जा सके ।

  • दो तरह का इलाज:

    • स्टेबलाइजेशन उपचार: जीवन को खतरे में न डालने वाले मामलों में अधिकतम 24 घंटे तक।

    • गंभीर मामलों में: जीवन के लिए खतरा होने पर अधिकतम 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन उपचार ।

  • डिजिटल प्रणाली: पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) और TMS 2.0 (ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है ।

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अन्य योजनाओं से तुलना

अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि यह योजना पहले से चल रही अन्य योजनाओं से कैसे अलग है। नीचे एक सरल तुलना दी गई है:

योजना का नाम उद्देश्य लाभ राशि / विशेषता
पीएम राहत योजना (नई) सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत कैशलेस इलाज 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज
आयुष्मान भारत (PMJAY) गरीब परिवारों को सेकेंडरी और टर्शियरी केयर प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कवर (पहले से कार्ड धारकों के लिए)
मोटर वाहन अधिनियम के तहत बीमा दुर्घटना में मृत्यु/स्थायी विकलांगता पर मुआवजा मुआवजा राशि अलग-अलग, प्रक्रिया लंबी
पीएम सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना बीमा (सालाना) ₹2 लाख का कवर (प्रीमियम ₹20 प्रति वर्ष)

महत्वपूर्ण लिंक और संपर्क सूत्र

योजना से जुड़ी अधिक जानकारी और अपडेट के लिए नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों का इस्तेमाल करें:

  • आपातकालीन सेवा के लिए हेल्पलाइन नंबर: 112 (यह नंबर पूरे देश में काम करता है) ।

  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की आधिकारिक वेबसाइट: https://morth.nic.in/ (यहां आप नवीनतम दिशा-निर्देश देख सकते हैं)

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA): आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी के लिए https://pmjay.gov.in/ विजिट करें।

निष्कर्ष

पीएम राहत (PM RAHAT) योजना एक जनहितैषी और संभावित रूप से जीवन रक्षक पहल है। यह सुनिश्चित करती है कि सड़क हादसे के बाद पैसे की कमी या झंझटों के चक्कर में किसी की जान न जाए। गोल्डन आवर में इलाज पर फोकस और पूरी तरह कैशलेस सुविधा इसे बेहद कारगर बनाती है।

एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, हम सबको यह जानकारी रखनी चाहिए कि अगर हम किसी हादसे के गवाह बनें, तो हम कैसे मदद कर सकते हैं। बस 112 डायल करके और घायल को अस्पताल पहुंचाकर हम किसी की जान बचा सकते हैं। सरकार की यह योजना ‘राह-वीर’ (नेक मददगार) की भावना को भी मजबूती देती है ।

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