Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना

Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना

Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना, पश्चिम बंगाल में इन दिनों एक नई हलचल देखी जा रही है। सरकार ने युवाओं और किसानों को ध्यान में रखते हुए दो बड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया है – ‘बांग्लार युवा साथी’ और ‘कृषक बंधु’। ये योजनाएं राज्य के नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं, और इनका असर साफ देखा जा सकता है। सड़कों पर लगने वाली लंबी कतारें और ऑनलाइन पोर्टल पर बढ़ती आवेदनों की संख्या बताती है कि लोग इन योजनाओं से कितने उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

आइए, इन दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं को विस्तार से समझते हैं कि ये क्या हैं, इनसे किसे फायदा होगा, और आप कैसे इसका हिस्सा बन सकते हैं।

बांग्लार युवा साथी योजना: बेरोजगार युवाओं के लिए एक सहारा

Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में पेश किए गए अंतरिम बजट में ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना की घोषणा की थी। यह योजना उन हजारों-लाखों युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है, जो डिग्री तो ले चुके हैं लेकिन अभी तक उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया है।

क्या है युवा साथी योजना?

यह एक बेरोजगारी भत्ता योजना है। इसके तहत राज्य सरकार 21 से 40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक मदद देगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस योजना का मकसद युवाओं को नौकरी मिलने तक आर्थिक संबल प्रदान करना है ताकि वह अपनी पढ़ाई या कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

योजना की प्रमुख बातें

विशेषता विवरण
योजना का नाम बांग्लार युवा साथी (Banglar Yuva Sathi)
किसके लिए है बेरोजगार युवा (पुरुष/महिला)
आयु सीमा 21 से 40 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम माध्यमिक (10वीं) पास
लाभ प्रति माह ₹1,500 (अधिकतम 5 वर्षों के लिए)
आवेदन शुरू 15 फरवरी 2026
आवेदन की अंतिम तिथि 26 फरवरी 2026
योजना लागू होने की तिथि 1 अप्रैल 2026
बजट आवंटन ₹5,000 करोड़

Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना

पात्रता क्या है?

अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके लिए कुछ शर्तें हैं:

  1. निवासी: आपको पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

  2. आयु सीमा: आपकी उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

  3. शिक्षा: आपने कम से कम माध्यमिक (10वीं) की परीक्षा पास की होनी चाहिए।

  4. रोजगार की स्थिति: आपके पास फिलहाल कोई नौकरी (सरकारी या निजी) नहीं होनी चाहिए।

  5. अन्य योजनाएं: अगर आप पहले से ही राज्य सरकार की किसी अन्य कल्याणकारी योजना (जैसे लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री आदि) का लाभ ले रहे हैं, तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि, छात्रवृत्ति योजनाएं (जैसे ऐक्यश्री, मेधाश्री) इससे अलग हैं, उनके लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं।

कैसे करें आवेदन?

आवेदन करने के दो तरीके हैं: ऑफलाइन (ऑफ़लाइन) और ऑनलाइन (ऑनलाइन)।

  • ऑफलाइन आवेदन: राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर 15 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक विशेष कैंप लगाए गए हैं। यहां जाकर आप आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं और उसे जमा कर सकते हैं। ये कैंप सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं।

  • ऑनलाइन आवेदन: सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू कर दी है। इसके लिए आपको आधिकारिक पोर्टल sportsandyouth.wb.gov.in या https://apas.wb.gov.in/ पर जाना होगा।

ऑनलाइन आवेदन के स्टेप्स:

  1. सबसे पहले ऊपर दी गई वेबसाइट पर जाएं और ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करें।

  2. अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरिफाई करें। इसके बाद एक पासवर्ड सेट करें।

  3. लॉगिन करने के बाद ‘आवेदन पत्र’ (Application Form) पर क्लिक करें।

  4. फॉर्म में अपना नाम, पता, जन्मतिथि, पिता का नाम, शैक्षिक योग्यता, बैंक डिटेल आदि सावधानीपूर्वक भरें।

  5. मांगे गए दस्तावेजों (10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, फोटो, बैंक पासबुक) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।

  6. फॉर्म को रिव्यू करके सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपको एक रेफरेंस आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रख लें।

जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय आपको इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी:

  • माध्यमिक (10वीं) की मार्कशीट और अडमिट कार्ड

  • आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से लिंक होना चाहिए)

Yuva Sathi Krishak Bandhu Scheme: युवाओ और किसानों के लिए नई सरकारी सहायता योजना

कृषक बंधु योजना: किसानों का साथी

जहां एक ओर युवा साथी योजना बेरोजगार युवाओं को सहारा दे रही है, वहीं ‘कृषक बंधु’ योजना राज्य के किसानों की आर्थिक सुरक्षा का आधार बनी हुई है। यह योजना पहले से चल रही है और इसके तहत किसानों और खेतिहर मजदूरों को सालाना वित्तीय सहायता दी जाती है।

कृषक बंधु योजना का विस्तार

युवा साथी योजना के लिए लगाए गए कैंपों में कृषक बंधु योजना के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकार किसानों के कल्याण को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रही है।

योजना के लाभ

  • किसानों को सहायता: इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को फसल उत्पादन के लिए प्रति वर्ष वित्तीय सहायता (₹4,000 से ₹10,000 तक) प्रदान की जाती है।

  • खेतिहर मजदूर: खेतों में काम करने वाले मजदूरों को भी इस योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे उन्हें सालाना ₹2,000 की सहायता मिलती है।

  • उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती की शुरुआत में पूंजी उपलब्ध कराना और उन्हें कर्ज के चक्कर से बचाना है।

योजनाओं का जनजीवन पर असर और राजनीतिक चर्चा

इन योजनाओं की घोषणा के बाद से ही पश्चिम बंगाल में इसे लेकर माहौल गरम है।

युवाओं में उत्साह

सोशल मीडिया और खबरों में ऐसी तस्वीरें खूब दिख रही हैं, जहां युवा लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर फॉर्म ले रहे हैं। कोलकाता के बल्लीगंज इलाके में 30 वर्षीय सप्तपर्णा अधिकारी ने कहा, “1,500 रुपये मासिक भत्ता मुझे कोई कोर्स करने में मदद करेगा, जिससे मैं अपने कौशल को निखार कर नौकरी पा सकूं।”
वहीं, एक पोस्ट ग्रेजुएट रितिका हालदार ने कहा, “लोग सोचते हैं कि पढ़े-लिखे लोग इस रकम के लिए लाइन में नहीं खड़े होंगे, लेकिन जब कोई आमदनी नहीं होती, तो हर छोटी राशि भी काम आती है।”

विपक्ष का हमला

हालांकि, विपक्षी पार्टियां इस योजना को चुनावी स्टंट बता रही हैं। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियां देने में विफल रहने के बाद यह बेरोजगारी भत्ता शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 2013 में शुरू की गई ‘युवश्री’ योजना भी बीच में ही बंद कर दी गई थी।
वहीं, माकपा और कांग्रेस ने भी इसे अस्थायी समाधान करार देते हुए सवाल उठाया कि आखिर राज्य में उद्योग और रोजगार के स्थायी अवसर क्यों नहीं बनाए जा रहे।

सरकार का पक्ष

इन आरोपों को खारिज करते हुए राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रोके गए फंड के बावजूद, ममता बनर्जी सरकार सीमित संसाधनों में जनता के लिए योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा, “हम ऐसी कोई योजना शुरू नहीं करते जिसे हम बीच में बंद कर दें।”

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महत्वपूर्ण लिंक और संसाधन

अगर आप इन योजनाओं से जुड़ी अधिक जानकारी चाहते हैं या ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक का उपयोग करें:

  • युवा साथी योजना – आधिकारिक पोर्टल: sportsandyouth.wb.in

  • ऑनलाइन आवेदन के लिए वैकल्पिक लिंक: https://apas.wb.gov.in/

  • कृषक बंधु योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए: पश्चिम बंगाल कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

  • हेल्पलाइन नंबर: किसी भी समस्या के समाधान के लिए अपने नजदीकी जिला या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें। कैंप के दौरान अधिकारी मौजूद रहते हैं।

निष्कर्ष

‘युवा साथी’ और ‘कृषक बंधु’ योजनाएं पश्चिम बंगाल सरकार के लोक कल्याणकारी मॉडल की दो महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। जहां एक तरफ ये योजनाएं बेरोजगारी और किसानों की आर्थिक परेशानियों को कम करने का एक प्रयास हैं, वहीं दूसरी तरफ ये राजनीतिक बहस का भी केंद्र बनी हुई हैं। लेकिन, इसमें कोई दो राय नहीं कि इन योजनाओं ने आम जनता, खासकर युवाओं और किसानों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह ‘साथी’ कितने लोगों की जिंदगी बदल पाता है।

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